राशीद पहलवान और उसके भाई पर गैंगस्टर समेत 15 मुकदमे दर
फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री करने के भी है मुकदमे अंकित
मयूर गुप्ता
देहरादून। सहसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर हुकूमतनगर निवासी दो सगे भाईयों का अपने क्षेत्र के अलावा आसपास के इलाकों में इस कदर खौफ है कि कोई भी उनके सामने उनके द्वारा किए गए फर्जीवाड़े में मुंह तक खोलना गवांरा नहीं समझता। दोनों भाईयों के खिलाफ सहसपुर थाने पर करीब पन्द्रह अभियोग संगीनधाराओं में पंजीकृत है। इतना ही नहीं दोनों के खिलाफ सरकारी और गोल्डन फोरेस्ट की जमीनों की फर्जी रजिस्ट्रीया करने से लेकर सात क्रिमनल लॉ एक्ट के भी मुकदमे दर्ज है लेकिन उनकी दादागिरी के सामने कोई भी अपनी जुबान खोलने को राजी नहीं है।
देहरादून के पछवादून से लेकर अन्य थाना क्षेत्रों में सहसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर हुकूमतनगर निवासी दो सगे भाईयों गैंगस्टर राशीद पहलवान और जावेद पुत्र अब्दुल हमीद उर्फ मिटठू की बादशाहत इस कदर क्षेत्र के लोगों और पछवादून के लोगों के दिलों दीमाग पर हावी है कि वह काले को अगर सफेद करे तो वहां के वासिंदे उसे सफेद ही बताएंगे। दोनों सगे भाईयों ने कुछ ही समय में जहां करोड़ों अरबों कमाकर देहरादून के अलग-अलग इलाकों में अपनी कोठियां और मकान खड़े कर लिए है तो वहीं उन के जहन में पुलिस का खौफ भी नहीं है।
राशिद पहलवान जो कि कुछ ही समय में अरबों की संपत्ति एकत्र कर क्षेत्र का राजा बन बैठा तो वहीं उसकी की राह पर चलते हुए उसके छोटे भाई ने भी इसी तरह से अपनी बादशाहत कायम कर ली। कुछ समय पूर्व सहसपुर पुलिस ने दोनों भाईयों के खिलाफ गुण्डा एक्ट की कार्यवाही करते हुए उन्हे जिलाबदर करने की कार्यवाही जिलाधिकारी से करवाते हुए छहः माह के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा पर छोड़ दिया था।
लेकिन पुलिस की कमजोर लिखा पढ़ी के कारण दोनों भाईयों को गढ़वाल के मंडलायुक्त ने अपील दाखिल हो जाने के बाद दोनों भाईयों राशीद पहलवान और जावेद की गुण्ड़ा एक्ट को वापस ले लिया था। गढ़वाल कमीशनर की अदालत में हुई अपील का निस्तारण अपने पक्ष में हो जाने के बाद दोनों भाईयों ने वापस अपने गांव में पहुंचकर फिर से एक बार उसी तरह का खेल प्रारंभ कर दिया था जिसके लिए क्षेत्र के दिलों-दीमांग पर उनका खौफ कायम था।
वहीं कुछ समय पूर्व सहसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर हुकूमतनगर निवासी दोनों सगे भाईयों के खिलाफ बजरंग दल के लोगों ने खूब हंगामा किया था। इतना ही नहीं बजरंग दल के नेताओं ने शासन-प्रशासन से उनके खिलाफ सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द करने उनके खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों को डराने-धमकाने का काम किए जाने का मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।का काम किये जाने की मांग की थी। लेकिन राशिद पहलवान ने भी पत्रकार वार्ता आयोजित कर बजरंग दल पर उसकों ब्लैक मैल करने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं राशिद पहलवान ने सरकार से पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग भी कर डाली थी। लेकिन हकीकत सब जानते है की राशिद पहलवान और उसके भाई का अपने क्षेत्र में किस तरह से दबदबा है।