-शराब के नशे में घूत था राजपुर थानाध्यक्ष शैंकी कुमार
-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर करवाई गई थी शैंकी की खून की जांच
मयूर गुप्ता
श्याम टाइम्स देहरादून। विगत बुधवार की देर रात्रि राजपुर थानाध्यक्ष के पद पर रहते हुए खाकी वर्दीधारी दरोगा शौंकी कुमार के द्वारा शराब के नशे में घूत होकर किए गए कारनामे से जहां पुलिस महकमे का सिर शर्म से झूक गया है तो वहीं पुलिस महकमे को सिर झुकाने की जगह नहीं मिल रही है वहीं उत्तराखंड को नशे से मुक्त करवाने के लिए पुलिस मुख्यालय पर मौजूद अधिकारियों के आदेश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान को ठेस पहुंची है। वहीं हर कोई यह कहते नजर आ रहा है कि जब खाकी वर्दीधारी ही शराब का सेवन कर लोगों के प्राईवेट वाहनों को छतिग्रस्त करेंगे और शराब का सेवन कर सड़कों पर हंगामा मचाएंगे तो फिर आम आदमी से किस प्रकार की उम्मीद रखी जा सकती है। देहरादून का राजपुर थाना जो कि वीवीआईपी से लकर वीआईपी के आवास और कार्यालयों के होने से जहां अति संवेदनीशील है वहीं उक्त थाना पुलिस अधिकारियों की नजरों में हमेशा बना रहता हैं। विगत 1 अक्टूबर की देर रात्रि राजपुर थाना क्षेत्र के मसूरी डायवर्जन और ओल्ड मसूरी रोड के बीच उस समय के थानाध्यक्ष के पद पर विराजमान उपनिरीक्षक शैंकी कुमार ने शराब का अत्याधिक सेवन कर जिस प्रकार का कार्य किया यह किसी से छिपा नहीं है।

शराब के नशे में घूत दरोगा थानाध्यक्ष शैंकी कुमार ने सादे कपड़ों में चौपहियां वाहन को चलाते हुए कई लोगों की गाडियों को चकनाचूर कर दिया था वहीं उसे इस बात का भी अहसास नहीं रहा था कि वह एक जिम्मेदार पद पर बैठा हुआ है और उसके थाना क्षेत्र में वीवीआईपी से लेकर वीआईपी और कई केंद्र सरकार के कार्यालय है। लेकिन नशे में चूर उपनिरीक्षक शैंकी कुमार को इसका होश ही नहीं था। दून में तैनात खाकी वर्दीधारी पुलिस अधिकारियों जिन्होंन शैंकी कुमार को राजपुर थाने के थानाध्यक्ष ज पद पर विराजमान किया था वह भी अपने अधिकारियों कि जवाब देते नहीं बन रहे थे। अपने दरोगा की करतूत की जानकरी मिलने के बाद एसएसपी अजय सिंह ने तत्काल उसे सस्पैंड कर उसका मैडिकल करवाकर उसके खून के नमूने फोरेंसिक जांच को भेज दिए थे लेकिन शराब का सेवन कर खाकी पर लगाए गए दाग को पुलिस महकमा घो पाएगा। पुलिस अधिकारी शैंकी कुमार पर उसी के थाने पर लिखवाए गए मामूली धाराओं के मुकदमें में इस बात को लेकर विश्वास में रहेंगे की मुकदमें में नामजद आरोपी उपनिरीक्षक शैंकी कुमार अपनी वर्दी की आड़ में उन लोगों पर समझौता करने का दबाव नहीं बनाएगा जिनकी गाड़ियां विगत 1 अक्टूबर की देर रात्रि उसके शराब के नशे में चूर होने के कारण क्षतिग्रस्त हुई थी और कई लोगों की जान जाते-जाते बची थी।
पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप ने किया था क्लेमेंटाउन थानाध्यक्ष पद से धारीवाला को सस्पैंड
देहरादून। वाह-री दून पुलिस के मित्र पुलिस अधिकारी जिस दरोगा को गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने एक ही झटके में थानाध्यक्ष पद से सस्पैंड कर दिया था उसी दरोगा को कालसी थाने के थानाध्यक्ष पद पर विराजमान कर दिया गया था तो अब एक बार फिर राजपुर थाने के सबसे विववादित थाने के थानाध्यक्ष पद पर विराजमान कर दिया गया। विगत वर्ष दिसंबर माह में जिस समय गढ़वाल रेंज में निवासरत लोग नए वर्ष के आगमन को लेकर तैयारियों को अमली जामा पहना रहे थे उसी समय गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने रेंज के सभी क्षेत्राधिकारियों से लेकर सभी कोतवाली प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र की सीमाओं पर रहकर दूसरे राज्य की सीमाओं से रेंज के अंदर प्रवेश करने वाले लोगों पर सर्तक द1ष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
अपने आदेश का पालन उनके विभाग में तैनात में तैनात निरीक्षक और उपनिरीक्षक/थानाध्यक्ष कितना पालन कर रहे है यह परखने के लिए गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षे राजीव स्वरूप ने सर्व प्रथम देहरादून के क्लेमंटाउन थाने से इसकी शुरूआत कि तो वह यह देखकर अचंभे में पड़ गए थे की उनके द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद भी थानाध्यक्ष क्लेमंटाउन दीपक धारीवाल देहरादून की आशरोड़ी चैक पोस्ट जो कि उत्तर प्रदेश की जनपद सहारनपुर सीमा पर है वहां पर मौजूद ही नहीं थे। थानाध्यक्ष द्वारा उनके ओदशों की धज्जियां उड़ाए जाने से तिलमिलाएं आईजी ने तत्काल थानाध्यक्ष/उपनिरीक्षक दीपक धारीवाला को उनके पद से हटाने के निर्देश देते हुए एसएसपी देहरादून को उन्हे सस्पैंड कर दिए जाने की बात कहते हुए मीड़िया को भी गढ़वाल रेंज से प्रेस नोट जारी कर दिया था।