Trending : “मेरा एक ही बच्चा था…”, चीखता रहा पीता, न ऑक्सीजन मिली, न दवा, दो साल के मासूम की मौत – Khabar Uttarakhand

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इलाज के अभाव में मरीज की मौत का एक और मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक दो साल के मासूम ने दम तोड़ दिया। ये पूरा मामला जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर का है। जहां पर समय से इलाज ना मिलने की वजह से मासूम की मौत हो गई।

बच्चे की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। ऐसे में परिजनों अपने मासूम की मौत का जिम्मेदार अस्पताल स्टाफ को बताया है। उन्होंने इसके लिए अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

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चीखता रहा पीता, न ऑक्सीजन मिली, न दवा

दरअसल दो साल के मासूम बच्चे आर्यन की सीरियस हालत थी। जिसके चलते उसे खागा अस्पताल से रेफर किया गया था। लेकिन रेफर किए गए जिला अस्पताल में बच्चे को टाइम पर इलाज नहीं मिल पाया। बच्चे का पिता शाहरुख अपने बच्चे के इलाज के लिए डॉक्टरों से मिन्नते करता रहा।

दो साल के मासूम की मौत

चीखता रहा लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उसकी एक ना सुनी। बच्चे ने इलाज के अभाव के चलते 10 मिनट में ही दम तोड़ दिया। बच्चे के पिता ने ये आरोप लगाया है कि वो डॉक्टरों से उसके जिगर के टुकड़े के लिए ऑक्सीजन देने के लिए चीखता, मिन्नते कर रहा लेकिन अस्पताल ने उसे ऑक्सीजन नहीं दी। जिसके चलते मासूम की मौत हो गई।

तो वहीं वहां मौजूद प्रधान संघ के अध्यक्ष नादिमुद्दीन ने इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के ना होने की वजह से बच्चे की जान चली गई।

CMS ने लापरवाही से किया इनकार

तो वहीं इस मामले में CMS पी0के0 सिंह का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने कहा बच्चा ब्रॉड डेड(Broad Dead) आया। फिलहाल इस मामले में किसकी लापरवाही है ये जांच के बाद पता चलेगा। लेकिन उस पिता की हालत देख उनका कलेजा फट गया।



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