*प्रेस नोट*
*मीडिया सेल देहरादून*
*दिनांक – 22/08/2026*
एसएसपी दून की सख्ती से शातिर नटवरलाल पहुंचा सलाखों के पीछे
पूर्व में स्वास्थ विभाग में संविदा पर फार्मेसिस्ट के पद पर था नियुक्त
धोखाधडी व अन्य आपराधिक घटनाओं में जेल जाने पर 04 वर्ष पूर्व आरोपी को नौकरी से दिया था निकाल
आरोपी विभागीय अधिकारियों से पहचान का झूठा प्रपंच रचकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को करता था गुमराह
सरकारी नौकरी लगवाने का आश्वासन देकर देता था धोखाधडी की घटनाओं को अंजाम
आरोपी के विरूद्ध नौकरी के नाम पर धोखाधडी व अन्य आपराधिक घटनाओं के आधा दर्जन से अधिक अभियोग हैं पंजीकृत
श्याम टाइम्स देहरादून विगत 17 अगस्त को थाना नेहरू कॉलोनी पर एक व्यक्ति द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया था कि वह एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत है, उनके परिचित चारू चन्द्र जोशी, जिनसे उनकी मुलाकात शादी डाट कॉम के माध्यम से हुई थी, के द्वारा स्वंय को स्वास्थय विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताकर उन्हें उच्चाधिकारियों से सम्पर्क में होने को झूठा आशवसन दिया गया तथा वादिनी से शादी करने तथा उसकी स्वास्थय विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर उनसे विभिन्न तिथियों में लगभग 32 लाख रू0 की धोखाधडी की गई। वादिनी द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना नेहरूकालोनी पर धारा 318(4) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
मामले की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी हेतु निर्देश दिये गये। जिस पर तत्काल थाना नेहरू कॉलोनी पर पुलिस टीम का गठन किया गया। अभियोग की विवेचना के दौरान आरोपी के विरूद्ध पूर्व में भी लोगों के साथ नौकरी लगवाने की एवज में धोखाधडी करने के समबन्ध में अभियोग पंजीकृत होने तथा उसमें आरोपी के जेल जाने की जानकारी पुलिस को मिली थी जिस पर आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस तथा अन्य माध्यमों से उसके सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गई तो पुलिस टीम को जानकारी मिली कि आरोपी पुलिस से बचने के लिये लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है तथा पिथौरागढ के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पर पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल एक टीम को पिथौरागढ रवाना किया गया, जहां पुलिस द्वारा गोपनीय माध्यम से अभियुक्त के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित करते हुए आरोपी चारू चन्द्र जोशी को पिथौरागढ के एंचोली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिसे पिथौरागढ में मां0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसका ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करते हुए देहराूदन लाया गया।
नैनीताल में दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोप में गया था पकड़ा गया आरोपी जेल
देहरादूनl स्थानीय पुलिस ने थाने लाकर जब पकड़े गए आरोपों से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह वर्ष 2016 में संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था तथा वर्ष 2022 में उसके विरुद्ध जनपद नैनीताल में धोखाधडी व दुष्कर्म के अभियोग पंजीकृत होने पर वह उसमें जेल गया था, जिसके पश्चात उसे स्वास्थय विभाग में नौकरी से हटा दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह अपनी पूर्व नौकरी व विभागीय पहचान का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह करने लगा।
क्षेत्राधिकार द्वितीय नितिन लोहानी ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी स्वंय को स्वास्थय विभाग मे नियुक्त बताकर विभागीय अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का झांसा देते हुए नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सरकारी नौकरी लगवाने का झूठा आश्वासन देकर उनसे धोखाधडी कर मोटी धनराशी ऐंठ लेता था। पूछताछ में आरोपी द्वारा बताया गया कि वर्तमान प्रकरण में वादिनी से प्राप्त धनराशि में से अधिकांश रकम को उसने अपने विरुद्ध पूर्व में दर्ज मुकदमों के सेटलमेंट के लिये संबंधित व्यक्तियों को दे दिया है, आरोपी से पूछताछ में प्रकाश में आये तथ्यों का पुलिस द्वारा अभिलेखीय एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है।
विवेचना में अभियुक्त से पूछताछ व अब तक प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी द्वारा नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर लोगों के साथ व्यक्तिगत धोखाधडी करना प्रकाश में आया है तथा आरोपी के किसी भी परीक्षा एंजेसी अथवा चयन प्रक्रिया से जुडे व्यक्तियों से किसी भी प्रकार के सम्पर्क में होने के कोई साक्ष्य प्राप्त नही हुए हैं।