🔶 उक्त प्रकरण में पूर्व में 11 मई को कोतवाली मंगलौर से बरामद की गयी थी 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल
� सचिन मनिहाल के लिए उत्तराखण्ड में रिसीवर एवं डिस्ट्रीब्यूटर का कार्य करता था पकड़ा गया आरोपी
🔶 लगभग 77 पेटियों (करीब 6,930 डिब्बे) स्पास्मो ट्रामाडोल कैप्सूल की अवैध सप्लाई का खुलासा
🔶 डिजिटल साक्ष्य मिटाने के लिए व्हाट्सएप चैट एवं कॉल रिकॉर्ड किए डिलीट, बैंक लेन-देन एवं तकनीकी साक्ष्यों से हुआ खुलासा
श्याम टाइम्स देहरादून l मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के *”ड्रग्स फ्री देवभूमि”* अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के नेतृत्व में राज्यभर में नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में दिनांक 11 मई 2026 को एसटीएफ-एएनटीएफ एवं थाना मंगलौर पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई में 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस संबंध में थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार पर धारा 8/22/29/60 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए उक्त अभियोग की विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून से सम्पादित की जा रही है। एसटीएफ की पकड़ में आए सचिन मनिहाल से प्राप्त साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों एवं तकनीकी जांच के आधार पर अंकित कुमार प्रजापति पुत्र श्री राजेन्द्र कुमार निवासी मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश की भूमिका प्रकाश में आई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि एसटीएफ की पकड़ में आए अंकित कुमार प्रजापति इसी वर्ष जनवरी से अपने साथी सचिन मनिहाल से स्पास्मो ट्रामाडोल कैप्सूल प्राप्त कर हरिद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से प्राप्त धनराशि में अपनी कमीशन काटकर शेष राशि अपने सहयोगी आरोपी को नकद एवं बैंक खाते के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती थी।
पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों से यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी को इसी वर्ष जनवरी से अब तक लगभग 77 पेटियां (करीब 6,930 डिब्बे) स्पाइस मोर कैप्सूल विभिन्न खेपों में प्राप्त हुई थीं। 27 अप्रैल को भेजी गई खेप के संबंध में अभियुक्त के बयान बैंक लेन-देन एवं डिजिटल साक्ष्यों से पूर्णतः पुष्ट हुए हैं। विवेचना में यह भी पाया गया कि आरोपी ने पुलिस कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से सह- आरोपी के साथ की गई महत्वपूर्ण व्हाट्सएप चैट एवं कॉल रिकॉर्ड जानबूझकर डिलीट कर दिए थे, जिनकी पुष्टि डिजिटल साक्ष्यों से हुई।
एसटीएफ टीम ने अभियोग में कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपी अंकित कुमार प्रजापति को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक जिओ की पैड मोबाइल फोन एवं एक वीवो V50e मोबाइल फोन बरामद कर कब्जे पुलिस लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु सीज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा बताया गया कि आरोपी अंकित के विरुद्ध पंजाब, दिल्ली व उत्तर प्रदेश में 4 अभियोग पंजीकृत है* तथा अभियुक्त के फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंक, आर्थिक लाभ, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों तथा पूरे सप्लाई नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भी शीघ्र प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।