इंटरस्टेट साइबर धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड अभिषेक अग्रवाल दिल्ली एयरपोर्ट से, गिरफ्तार

💡 आरोपी पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है के द्वारा करीब 35-13 कंपनियाँ उसके  नाम पर और 28 कंपनियाँ उसकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड करवायी गईं 
💡कंपनियों के नाम पर खातों में लगभग 750 करोड़ से अधिक की संदिग्ध धनराशि के ट्रांसक्शन प्रकाश में 
💡फर्जी लोन ऐप्स चलाने वाले मास्टरमाइंड अंकुर ढींगरा  को पूर्व में गुड़गांव से किया गया था गिरफ्तार 
अभियुक्त द्वारा करीब 6 वर्ष पूर्व में चीनी नागरिकों को भारत लाकर इस गिरोह की शुरुआत की गई थी और वह खुद 2019 में शंघाई और शेन्ज़ेन गया था

  श्याम टाइम्स देहरादूनl पुलिस महानिदेशक, दीपम सेठ के निर्देशन में साईबर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुये साईबर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह द्वारा मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुये बताया कि एक प्रकरण जिसमे प्रदेश व भारत के आम जनता के साथ हो रही धोखाधड़ी जो संगठित तौर पर आपराधिक आशय के साथ राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न फर्जी लोन ऐप्स के माध्यम से भारत के नागरिकों के साथ धोखाधड़ीउत्पीड़न और जबरन मोटी धनराशि वसूलने के विरुद्ध दिसम्बर 2022 में दर्ज कराया गयाl
जिसमें गिरोह द्वारा प्रदेश व भारत के नागरिकों के साथ पहले वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क कर फर्जी लोन ऐप्स जैसे आदि के ज़रिए पीड़ितो को कम दस्तावेज़ों में त्वरित लोन देने का लालच देकर ऐप इंस्टॉल करवाया जाता , जिससे उन्होंने पीड़ितो के मोबाइल डिवाइस का एक्सेस प्राप्त करके और उसकी गैलरी, कॉन्टैक्ट्स व अन्य निजी डेटा चुराकर अभियुक्त अत्यधिक ब्याज, पेनल्टी और जुर्माने की मांग करते हुए धमकी भरे मैसेज भेजे, व्हाट्सएप कॉल करके और पीड़ित की तस्वीरें एडिट कर वायरल करने की धमकी देते थे, जिससे शिकायतकर्ता मानसिक प्रताड़ित और सामाजिक बदनामी के डर से बार-बार पैसे देते थे। परन्तु स्वयं के साथ हो रही ब्लैकमेलिग और सामाजिक उत्पीड़न का अंदेशा नही हो पाया जिससे पीडितो द्वारा विभिन्न बैंक खातो में करोडो रुपये स्थानान्तरण किये गये ।


मामले की की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ  द्वारापुलिस टीम को तकनीकी / डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर फर्जी लोन ऐप्स चलाने वाले मास्टरमाइंड अभिषेक अग्रवाल थाना अशोक विहार, ज़िला नॉर्थ वेस्ट दिल्ली को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश करने के निर्देश दिए गए थे। साईबर टीम द्वारा आरोपी अभिषेक अग्रवाल पुत्र सतीश अग्रवाल की तलाश की चूकि अभियुक्त विदेश में होने के कारण अभियुक्त के खिलाफ  पूर्व में लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था और इसी क्रम में आरोपी अभिषेक अग्रवाल को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया व साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन द्वारा न्यायालय में उपस्थित कराया गया । पीड़ितों को कम दस्तावेजों का लालच देकर टार्बेट लोन दिलाने की करता था बात अग्रवाल
देहरादूनl व्हाटसप व सोशल मीडिया के माध्यम से पीडितो को संगठित तरीके से फर्जी लोन ऐप्स जैसे  आदि के ज़रिए पीड़ित को कम दस्तावेज़ों में त्वरित लोन देने का लालच देकर ऐप इंस्टॉल करवाया जाता था । जिससे उन्होंने पीड़ितो के मोबाइल डिवाइस का एक्सेस प्राप्त करके और उसकी गैलरी, कॉन्टैक्ट्स व अन्य निजी डेटा चुराकर अभियुक्त अत्यधिक ब्याज, पेनल्टी और जुर्माने की मांग करते हुए धमकी भरे मैसेज भेजे, व्हाट्सएप कॉल करके और पीड़ितो की तस्वीरें एडिट कर वायरल करने की धमकी देते थे, जिससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से प्रताड़ित और सामाजिक बदनामी के डर से बार-बार पैसे देते रहते थे। परन्तु स्वयं के साथ हो रही ब्लैकमेलिग और सामाजिक उत्पीड़न के जरिए लोगो द्वारा धनराशी विभिन्न खातों में स्थानान्तरण किये और अपने साथ हो रही ब्लैकमेलिग और सामाजिक उत्पीड़न का अंदेशा नही हो पाया । अभियुक्त द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न चीनी बैंक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को चीनी आधारित अन्य बैंक खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था । पूछताछ  धोखाधड़ी की आरोपी ने बताया की वह चीनी नागरिकों का गिरोह के संपर्क में था और उसने चीनी मास्टरमाइंडों के लिए फर्जी शेल कंपनियां बनाईं, जिन पर बैंक खाते खोले गए। आरोपी जो पेशे सेचार्टर्ड अकाउंटेंट है के द्वारा  करीब -40 शेल कंपनियाँ बनाई गईं जिनमें से 13 कंपनियाँ उसके स्वयं के नाम पर और 28 कंपनियाँ उसकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गईं ।जिनमें कई कंपनियों में सह-निर्देशक चीनी नागरिक हैं।अभियुक्त द्वारा सभी कंपनियाँ चीनी गिरोह के लिए बनाई गईं, जिनके माध्यम से लगभग 750 करोड़लगभग 750 करोड़ से अधिक की संदिग्ध धनराशि के ट्रांसक्शन  की जानकारी मिली हैl
पकड़ा गया आरोपी पूर्व में कई बार विदेशी यात्रा कर चुका है। चीन, हांगकांग आदि देशों से संचालित फर्जी लोन एप्स के माध्यम से भारतीय नागरिकों को टारगेट किया जाता था और करोडों रूपयों का लेन-देन किया जाता था। जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के विरुद्ध देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं । अभियुक्त द्वारा कुछ चीनी नागरिकों की जानकारी दी गई है। जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है व भारत सरकार और इंटरपोल के माध्यम से पत्राचार किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!