-बुधवार को अपनी टीम के साथ दोनों स्थानों की कराई फोटोग्राफी
कार्य दही संस्था पेयजल निगम विकास नगर ने दी थी रिपोर्ट संतोष जनक पाया गया काम
-मंदिर और स्कूल के पदाधिकारी ने सरकार के पैसे का दुरुपयोग करने पर सचिव के सामने जताई नाराजगी
मयूर गुप्ता, देहरादून:- झंडा बाजार स्थित श्री पारसनाथ जैन मंदिर और तिलक रोड स्थित श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज के प्रबंधकों द्वारा उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर दोनों स्थानों पर फर्नीचर रंग रोगन पुताई पारसनाथ मंदिर में यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला का संध्याकरण करने और स्कूल में फर्नीचर आदि खरीदने रंग रोगन करने फर्श का निर्माण करने आदि के लिए दोनों स्थानों पर उत्तराखंड सरकार से करीब 80 लख रुपए का अनुदान प्राप्त किया लेकिन दोनों स्थानों पर सरकार के पैसे का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई तो उन्होंने इसकी जांच अल्पसंख्यक आयोग के उपनिदेशक से करने के आदेश दिए इसके बाद बुधवार को उपनिदेशक अल्पसंख्यक हीरा सिंह बसेड़ा अपनी टीम के साथ दोनों स्थानों का कनेक्शन करने पहुंचे और वहां की फोटोग्राफी कराकर मामले में कार्रवाई करने की बात कहीl
सूत्र बताते हैं कि कॉलेज की पूर्व प्रबंधक और उसे उसके राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोगों की सिफारिश लगाकर दोनों स्थानों पर कोई भ्रष्टाचार को दबाने का प्रयास प्रारंभ कर दिया लेकिन एक ईमानदार अधिकारी के हाथों से हो रही दोनों मामलों की जांच देखते हैं अब इस जांच पर राजनीतिक दबाव कम आता है या भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती हैl
गौरतलब है कि श्री पारसनाथ मंदिर झंडा बाजार के प्रबंधक द्वारा मंदिर के सौंदर्य करण को लेकर वहां पर लकड़ी का फर्नीचर बनवाने और यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला का सोने कारण करने और मंदिर के माथे का शुद्धिकरण करने के लिए करीब 41 लाख रुपए और श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज की पूर्व प्रबंधक ममलेश जैन द्वारा कॉलेज का सौंदर्य करंट करने फर्नीचर खरीदने जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए कुर्सी इमेज आदि और रंग रोगन का काम करने आदि के संबंध में अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रहे और भाजपा पार्षद श्री संतोष सिंह नागपाल को पत्र लिखकर उक्त अनुदान को दिलवाने के लिए पत्राचार किया थाl भाजपा नेता व पार्षद और पूर्व अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य संतोष सिंह नागपाल द्वारा क्षेत्र के विधायक खजान दास को पत्र लिखकर दोनों दोनों स्थानों के लिए दोनों के प्रबंधकों द्वारा लिखे गए पत्रों का हवाला देते हुए उक्त लाखों रुपए को पास करने का उल्लेख किया थाl
भाजपा पार्षद कपूर अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रहे संतोष सिंह नागपाल के पत्र के बाद क्षेत्र के विधायक खजान दास द्वारा मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर उक्त दोनों स्थानों पर किए जाने वाले कार्यों के लिए उनके द्वारा मांगी गई रकम को पास करने का अनुरोध किया था जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा अपना अनुमोदन दिया गया थाl
अनुमोदन प्राप्त होने के बाद दोनों स्थानों पर कार्य किए जाने के लिए जल संस्थान विकास नगर को कार्य का दी संस्था के रूप में रूपों का आवंटन किया गया इसके बाद उक्त संस्था द्वारा अपना सर्टिफिकेट जारी करते हुए अल्पसंख्यक आयोग को पत्र के साथ भेजो कि उनके द्वारा दोनों स्थानों पर कार्य पूर्ण कर दिया गया और बाद में जब दोनों स्थानों की किसी तीसरी पार्टी से जांच कराई गई तो उनके द्वारा भी अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया 2024 और 2025 में के कार्य संस्था जल निगम विकास नगर द्वारा जो कार्य किया गया वह संतोषजनक पाया गयाl
इस मामले का पता जब जैन समाज के लोगों और दोनों स्थानों के पदाधिकारी और सदस्यों को लगा तो उन्होंने इसका विरोध किया कि वहां पर कोई कार्य नहीं हुआl दोनों स्थानों पर सरकार द्वारा दिए गए लाखों रुपए के अनुदान को खुर्द कर दिए जाने और जिस काम के लिए पैसा अनुदान कराया गया था उक्त रुपए का वहां पर उपयोग नहीं किए जाने की जानकारी के बाद इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लिखित रूप में की गई तो उन्होंने सीएम पोर्टल पर उसको अपलोड करते हुए इसकी जांच करने के निर्देश दिएl लेकिन अल्पसंख्यक आयोग के एक अधिकारी द्वारा उक्त मामले की जांच तीसरी पार्टी से कराई जाने का उल्लेख करते हुए वर्ष 2025 में सीएम पोर्टल पर इस बात को अपलोड किया गया की जांच करता टीम ने दोनों स्थानों पर कार्य संतोषजनक पायाl उक्त जांच का विरोध शिकायतकर्ता द्वारा सीएम पोर्टल पर अंकित कराई गई थी जिसके बाद मामले की पुन जांच के आदेश करते हुए जांच अधिकारी के रूप में उपनिदेशक अल्पसंख्यक आयोग श्री हीरा सिंह बसेड़ा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया लेकिन इससे पूर्व वर्ष 2024 में भी दोनों स्थानों की जांच कराई गई थी कि मुख्यमंत्री द्वारा दोनों स्थानों के लिए जारी किए गए करीब 80 लख रुपए के अनुदान की राशि का सदुपयोग हुआ या नहीं तो उक्त टीम ने भी दोनों स्थानों पर कार्य संतोषजना के किए जाने की रिपोर्ट प्रेषित की थी!

इस बात को लेकर दोनों संस्थाओं के जैन समाज के पदाधिकारी और स्कूल कमेटी के लोगों में तथा पूर्व प्रधान श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में गुस्सा व्याप्त थाl
मुख्यमंत्री के आदेश पर जज अधिकारी नियुक्त होने के बाद उप निदेशक अल्पसंख्यक आयोग हीरा सिंह बसेड़ा द्वारा शिकायतकर्ता के साथ-साथ श्री पारसनाथ मंदिर झंडा बाजार के प्रबंधक नीरज जैन और श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज के प्रबंधक अनिल जैन के अलावा जल निगम विकास नगर को पत्र लिखकर आदित्य क्या कि वे 2 जुलाई दिन बुधवार को दोनों स्थानों का निरीक्षण करेंगे और निरीक्षण के दौरान मैं वहां पर मौजूद रहेl
अपने कार्यक्रम के अनुसार हीरा सिंह बसेड़ा उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण आयोग आयोग अपनी टीम के साथ सर्वप्रथम कॉलेज पहुंचे और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करते हुए मां की फोटोग्राफी कराई तथा वहां पर मौजूद अरविंद जैन के अलावा कॉलेज कमेटी के सदस्यों ने उन्हें पूर्व प्रधान विनय जैन की हस्ताक्षर युक्त एक पत्र सोपा जिसमें उन्होंने इस बात का उल्लेख किया की जो पैसा सरकार द्वारा पास किया गया था उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है और नहीं उनके और कमेटी के सदस्यों को इस बात का उल्लेख किया गया था पूर्व प्रबंधक ममलेश जैन द्वारा उनके द्वारा सरकार से कॉलेज में कार्य करने के लिए लाखों रुपए का अनुदान पास कराया गया है जिसे जांच अधिकारी द्वारा अपने कब्जे में पत्रावली में सम्मिलित करने के लिए ले लिया गया कॉलेज के कमेटी के सदस्यों द्वारा जांच अधिकारी के सम क्ष इसका भारी विरोध किया गया की सरकार के पैसे का सदुपयोग करने का स्थान पर उसका दुरुपयोग किया गया है और वहां पर मात्र नाम का काफी खाना पूर्ति कर कार्य कराया गया है बाकी पैसे का दुरुपयोग किया गया!
उसके बाद जांच अधिकारी हीरा सिंह बसेड़ा अपनी टीम के साथ श्री पारसनाथ जैन मंदिर झंडा बाजार पहुंचे और वहां पर सरकार द्वारा संध्या कारण और मंदिर के माथे के लिए पास किए गए रंग रोगन के लिए पास किए गए लाखों रुपए का कार्य किया गया या नहीं उसका भी निरीक्षण किया जिस पर मंदिर कमेटी के लोगों और प्रबंधक द्वारा सरकार द्वारा जारी किए गए लाखों रुपए के अनुदान राशि का दुरुपयोग करने की बात जांच अधिकारी के समक्ष रखी गई!
श्री पारसनाथ जैन मंदिर झंडा बाजार के प्रबंधक और कमेटी के सदस्यों ने जांच अधिकारी के समक्ष विरोध जाते हुए कहां की मंदिर में जो स्टील के दरवाजे लगाए गए हैं उनका बिल लख रुपए में दिखाए गए जबकि एक दरवाजे की कीमत 10000 से 12000 के बीच है वहां पर कल 22 दरवाजा का कार्य करवाया गया है और नहीं तो वहां पर फर्श का निर्माण कराया गया और नहीं कोई रंगा पुताई कराई गई जिसके लिए अनुदान पास कराया गया थाl
जांच अधिकारी हीरा सिंह बसेड़ा द्वारा मुक्त मामले में अत्यधिक कार्रवाई कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री इस वक्त पेश करने की बात करते हुए शिकायतकर्ता से उठने संबंध में साक्षी के रूप में दस्तावेज दिए जाने की भी बात कही!