श्याम टाइम्स देहरादूनl आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामले में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के अधिवक्ता विगत दिवस 03 सितंबर को विजिलेंस न्यायालय में उपस्थित हुए। मंत्री पक्ष की ओर से मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया, जिस पर न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 07 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है।
कांग्रेस प्रवक्ता एवं अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री की ओर से इस मामले में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं। क्षेत्री का कहना है कि उनके द्वारा मंत्री की कथित आय और संपत्तियों से संबंधित तथ्यों को पंजीकरण अभिलेखों एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय के समक्ष रखा गया है। उनका आरोप है कि उपलब्ध आय के स्रोतों की तुलना में अर्जित की गई संपत्तियों में गंभीर असंगतियां हैं, जिनकी निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच आवश्यक है।
कांग्रेस प्रवक्ता एवं अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि जनता के धन, सार्वजनिक संसाधनों और व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की लड़ाई है।
उन्होंने कहा,भ्रष्टाचार के खिलाफ यह मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक इसे उसके तार्किक अंजाम तक नहीं पहुंचाया जाता। हमारा उद्देश्य किसी को राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करना नहीं, बल्कि कानून के समक्ष जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में तभी मजबूत होगा, जब भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो दोषी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के अनुसार उसके विरुद्ध कार्रवाई हो।
क्षेत्री ने कहा कि कानून की नजर में कोई व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं होना चाहिए। यदि किसी जनप्रतिनिधि पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगते हैं, तो उन्हें कानून और जांच की प्रक्रिया का सामना करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि आगामी 07 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों एवं तथ्यों के आधार पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
हमारा विश्वास न्यायपालिका और कानून के शासन में है। सत्य तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर सामने आएगा। भ्रष्टाचार चाहे किसी छोटे व्यक्ति द्वारा किया गया हो या किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा—कानून की मजबूत पकड़ से कोई भी बचना नहीं चाहिए।