मयूर गुप्ता
श्याम टाइम्स पोखरी : शिक्षा की जिस नर्सरी ने प्रदेश को दिग्गज राजनेता और विद्वान दिए, आज वह खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। विकासखण्ड पोखरी का ऐतिहासिक राजकीय प्राथमिक विद्यालय रूडवा, जो 1835 में अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित हुआ था, आज बंद होने की कगार पर है। विडंबना देखिए कि जिस स्कूल का गौरवशाली इतिहास रहा है, वहां आज दो शिक्षिकाओं के बीच महज एक छात्र शेष रह गया है।
दिग्गजों की ‘अल्मा मेटर’ में सन्नाटा
श्याम टाइम्स यह वही विद्यालय है जिसने संयुक्त उत्तर प्रदेश के दौर में पर्वतीय विकास मंत्री रहे स्व. नरेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. श्रीधर आज़ाद, डॉ. पातिराम परमार और स्व. नरेंद्र किमोठी जैसी महान हस्तियों को प्रारंभिक शिक्षा दी। कभी हापला और त्रिशूला घाटी के दर्जनों गांवों का शैक्षणिक केंद्र रहा यह स्कूल आज प्रधानाध्यापिका और ग्रामीणों के बीच छिड़ी ‘जंग’ का अखाड़ा बन गया है।
भ्रष्टाचार के आरोप और तालाबंदी की चेतावनी
श्याम टाइम्सl ग्राम प्रधान मनीषा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य चन्द्रकला देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका पवित्रा टम्टा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका के कार्यकाल में न केवल शैक्षणिक स्तर गिरा है, बल्कि निर्माण कार्यों में भी भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है:
> श्याम टाइम्सl अगर एक सप्ताह के भीतर प्रधानाध्यापिका का स्थानांतरण नहीं हुआ, तो हम विद्यालय का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे।
जांच कमेटी के सामने तीखी नोकझोंक
श्याम टाइम्सl मामले की गंभीरता को देखते हुए उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच दल विद्यालय पहुँचा। अटल उत्कृष्ट विद्यालय नागनाथ के प्रधानाचार्य जी.एल. सैलानी के नेतृत्व में टीम ने ग्रामीणों और प्रधानाध्यापिका के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
किसने क्या कहा:
• जी.एल. सैलानी (जांच अधिकारी):
> “ग्रामीणों में प्रधानाध्यापिका के प्रति गहरा असंतोष है। हमने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच रिपोर्ट जल्द ही खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद जिला स्तर से कार्रवाई होगी।”
• पवित्रा टम्टा (प्रधानाध्यापिका):
> “मुझ पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। यह मेरे विरुद्ध रची गई एक गहरी साजिश है। मैं किसी भी स्तर की निष्पक्ष जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
• नेहा भट्ट (उप शिक्षा अधिकारी):
> “जांच समिति की रिपोर्ट मिलते ही इसे जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। विद्यालय के भविष्य और छात्र हित को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”
क्या बचेगा विरासत का अस्तित्व?
श्याम टाइम्सl ग्रामीणों का मानना है कि यदि नेतृत्व परिवर्तन होता है, तो छात्र संख्या फिर से बढ़ सकती है। फिलहाल, रिपोर्ट के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर ही इस 189 साल पुराने ऐतिहासिक संस्थान का भविष्य टिका है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इतिहास के पन्नों में दर्ज यह विद्यालय केवल यादों में सिमट कर रह जाएगा।
*पोखरी* : शिक्षा की जिस नर्सरी ने प्रदेश को दिग्गज राजनेता और विद्वान दिए, आज वह खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। विकासखण्ड पोखरी का ऐतिहासिक राजकीय प्राथमिक विद्यालय रूडवा, जो 1835 में अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित हुआ था, आज बंद होने की कगार पर है। विडंबना देखिए कि जिस स्कूल का गौरवशाली इतिहास रहा है, वहां आज दो शिक्षिकाओं के बीच महज एक छात्र शेष रह गया है।
दिग्गजों की ‘अल्मा मेटर’ में सन्नाटा
श्याम टाइम्सl यह वही विद्यालय है जिसने संयुक्त उत्तर प्रदेश के दौर में पर्वतीय विकास मंत्री रहे स्व. नरेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. श्रीधर आज़ाद, डॉ. पातिराम परमार और स्व. नरेंद्र किमोठी जैसी महान हस्तियों को प्रारंभिक शिक्षा दी। कभी हापला और त्रिशूला घाटी के दर्जनों गांवों का शैक्षणिक केंद्र रहा यह स्कूल आज प्रधानाध्यापिका और ग्रामीणों के बीच छिड़ी ‘जंग’ का अखाड़ा बन गया है।
भ्रष्टाचार के आरोप और तालाबंदी की चेतावनी
श्याम टाइम्स l ग्राम प्रधान मनीषा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य चन्द्रकला देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका पवित्रा टम्टा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका के कार्यकाल में न केवल शैक्षणिक स्तर गिरा है, बल्कि निर्माण कार्यों में भी भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है:
> “अगर एक सप्ताह के भीतर प्रधानाध्यापिका का स्थानांतरण नहीं हुआ, तो हम विद्यालय का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे।”
जांच कमेटी के सामने तीखी नोकझोंक
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच दल विद्यालय पहुँचा। अटल उत्कृष्ट विद्यालय नागनाथ के प्रधानाचार्य जी.एल. सैलानी के नेतृत्व में टीम ने ग्रामीणों और प्रधानाध्यापिका के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
किसने क्या कहा:
• जी.एल. सैलानी (जांच अधिकारी):
> “ग्रामीणों में प्रधानाध्यापिका के प्रति गहरा असंतोष है। हमने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच रिपोर्ट जल्द ही खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद जिला स्तर से कार्रवाई होगी।”
• पवित्रा टम्टा (प्रधानाध्यापिका):
> “मुझ पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। यह मेरे विरुद्ध रची गई एक गहरी साजिश है। मैं किसी भी स्तर की निष्पक्ष जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
• नेहा भट्ट (उप शिक्षा अधिकारी):
> “जांच समिति की रिपोर्ट मिलते ही इसे जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। विद्यालय के भविष्य और छात्र हित को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”
क्या बचेगा विरासत का अस्तित्व?
ग्रामीणों का मानना है कि यदि नेतृत्व परिवर्तन होता है, तो छात्र संख्या फिर से बढ़ सकती है। फिलहाल, रिपोर्ट के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर ही इस 189 साल पुराने ऐतिहासिक संस्थान का भविष्य टिका है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इतिहास के पन्नों में दर्ज यह विद्यालय केवल यादों में सिमट कर रह जाएगा।