सड़क दुर्घटना में छहः युवकों की मौत पर पुलिस ने पांच सौ पेंज की दाखिल चार्जशीट

वारदात के एक साल बाद कैंट पुलिस ने न्यायालय को सौपा आरोप पत्र
मयूर गुप्ता
देहरादून। विगत वर्ष 11 नवंबर को देहरादून शहर के ओएनजी चैक पर खड़े कंटेनर और इनोवा कार मंे हुए भयानक हादसे मंे कार सवार युवक और युवतियों समेत छहः युवकों की मौत हो जाने के मामले मंे उक्त घटना मंे जीवित बचे एक युवक के बयानों और अन्या मौके के गवाहों के बयानों के आधार पर कैंट कोतवाली पुलिस ने एक साल से भी अधिक समय व्यतीत हो जाने पर अब कहीं जाकर संबंधित न्यायालय मंे कई लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
गौरतलब है कि विगत वर्ष 11 नवंबर को कैंट कोतवाली क्षेत्र के ओएनजीसी चैक पर इनोवा कार सवार छहः युवक और उसमे सवार युवतियों की उस समय भ्यानक हादसे मंे जान चली गई थी जब इनोवा कार ओएनजीसी चैक पर कंटेनर से जाकर टकरा गई थी। इादस इतना भयावह था कि जिसने भी उसे देखा उसका कलेजा मुह को आ गया था। उस समय कैंट कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रहे कैलाश भटट और उनके अधीनस्थों से भी उक्त भयानक हादसे को देखा नहीं गया था।


सड़क पर चारों ओर पड़ी युवक और युवतियों की लाशों के अलावा शवों के चिथड़े मंे सड़क पर बिखरे पड़े थे। पुलिस ने किसी तरह सड़क पर बिखरे पड़े शवों और उनके चिथड़ों को वहां से हटवाकर सड़क को साफ करवाने का काम किया था। लेकिन उक्त सड़क दुर्घटना में एक युवक की जान बच गई थी जिसका एक प्राईवेट अस्पताल मंे लम्बे समय तक उपचार होने के बाद घायल युवक के संबंधित पुलिस ने ठीक हो जाने के बाद बयान अंकित किए थे और उक्त घटना के चश्मदीद कुछ गवाहों के भी बयान अंकित किए थे।
भयानक सड़क हादसे के मामले मंे एसएसपी अजय सिंह ने अपने अधीनस्थों को पूरे प्रकरण मंे जांच कर आरोपियांे के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय मंे दाखिल करने के दिए थे। करीब एक साल बाद अब कही जाकर कैंट कोतवाली पुलिस ने कंटेनर चालक राजकुमार, उसके स्वामी नरेश और वारदात के समय वाहन को किराए पर देने वाले अभिषेक को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ संबंधित न्यायालय मंेे आरोप पत्र दाखिल कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से जब इतने बड़े सड़क हादसे मंे आरोप पर एक साल बाद दाखिल किए जाने के संबंध मंे जानकारी की गई तो उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि छहः युवक और युवतियांे की सड़क हादसे मंे मौत हो जाने के मामले मंे देर से न्यायालय मंे आरोप पत्र दाखिल किया गया लेकिन उसके पीछे पूरे प्रकरण की सच्चाई तक पहुंचने और उक्त सड़क हादस मंे बचे युवक के बयान अंकित किए जाने थे। उन्होंने बताया कि डाक्टरों ने घायल के बयान ठीेक हो जाने के बाद अंकित किए जाने की बात कही थी जिस कारण से आरोप पत्र देर से न्यायालय मंे दाखिल किए जाने का कारण है। उन्होंने बताया कि विवेचक ने पांच सौ पेंज का आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया।
एसएसपी अजय सिंह ने जानकारी दी कि उक्त आरोप पत्र मंे साठ से अधिक लोगों को गवाह बनाया गया है। सूत्र बताते है कि उक्त हादसे मंे बची एक मात्र गवाह कांवली रोड निवासी 20 वषीया कामाक्षी के पिता ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे उन्होंने आरोप लगया था कि पुलिस ने मात्र खानापूर्ति करते हुए कंटेनर चालक को गिरफ्तार दिखाकर मामले की इतिश्री कर दी थी। अपने ऊपर आरोप लगते देख दून पुलिस अधिकारियों ने पूरे सड़क हादसे की जांच के लिए टीम गठित कर दी थी जिसके बाद आरोप पत्र न्यायालय मंे दाखिल किया गया।
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