
आरोपियों द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाते हुए उक्त दस्तावेजों के आधार पर अपने बच्चो का मेडिकल कॉलेजो में कराया था दाखिला
प्रकरण में एसआईटी द्वारा 08 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार
श्याम टाइम्स देहरादून l विगत 13 सितंबर को थाना रायपुर तथा थाना क्लेमेंटाउन पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा अपनी सरकार पोर्टल पर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने हेतु ऑनलाइन आवेदन किये जाने तथा जांच के दौरान उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेज फर्जी पाये जाने के सम्बन्ध में प्राप्त तहरीरों के आधार पर थाना रायपुर पर धारा 318(4) 338/336(2)/340(2) बीएनएस तथा थाना क्लेमेंटाउन पर धारारू 318(4) 338/340(2)/61(2) बीएनएस के तहत अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किये गये।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत सम्पूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच एवं गहन परीक्षण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा श्रीमती जया बलोनी, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण -1 के नेतृत्व में एस०आई०टी० का गठन किया गया।
एसआईटी टीम द्वारा प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए प्रकरण से जुडे सभी दस्तावेजों को कब्जे मे लिया गया। एसआईटी जांच के दौरान उक्त सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में अंकित पते गलत पाये गये, जिस पर एसआईटी द्वारा सम्बन्धित शिक्षण संस्थानों में जाकर प्रकरण से जुडे सभी दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया, जिनके अवलोकन से उक्त अभ्यर्थियों के मूल पतों की जानकारी प्राप्त हुई। प्राप्त जानकारी व विवेचना के दौरान प्रकाश में आये साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी द्वारा 03 व्यक्तियों, को पूछताछ हेतु लाया गया, जिनसे आवश्यक पूछताछ व प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मौके से गिरफ्तार किया गया।
रूपेश पंडित अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले 05 वर्षों से एज्युकेशन कन्सल्टेन्सी का कार्य कर रहा था
देहरादून स्पेशल ट्रांसपोर्ट द्वारा जब पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ की गई तो प्रवीण कुमार व जगपाल सिंह द्वारा बताया कि आरोपी रूपेश पंडित अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले 05 वर्षों से एज्युकेशन कन्सल्टेन्सी का कार्य कर रहा था तथा मेरठ में मिकोडो (MECODO) पाठशाला नाम से एक कम्पनी संचालित कर रहा था, जिसके माध्यम से वह विभिन्न प्राईवेट युनिवर्सिटिज व विदेशों में भी एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए, बीकॉम आदि कोर्सों में कमिशन पर एडमिशन दिलवाने का काम करता था। आरोपियों द्वारा पूर्व में गिरफ्तार आरोपी रूपेश पंडित से संपर्क कर अपनी पुत्रियों कुमारी खुशी तथा कुमारी स्वाति के एमबीबीएस में दाखिले के लिये फर्जी कूटचित दस्तावेज, आधार कार्ड, डोमिसाइल तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र बनवाकर कुमारी खुशी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला एवं कुमारी स्वाति को नीट की काउंसलिंग में सम्मिलित कराया गया था। इन प्रमाण पत्रों को बनाने के एवज में अभियुक्त प्रवीण कुमार द्वारा रूपेश पंडित को 25 लाख ₹ एवं जगपाल सिंह द्वारा 30 लाख ₹ दिए गए थे।
आरोपी रामपाल द्वारा पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी पुत्री तृप्ति का नीट एग्जाम के माध्यम से एमबीबीएस में दाखिला कराने हेतु उसके कूटरचित स्थाई निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र , आधार कार्ड आदि तैयार कर उक्त दस्तावेजो का उपयोग कर उसका दाखिला जीएमसी मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में कराया गया था।
एसआईटी द्वारा प्रकरण से जुडे सभी पहलुओं की गहनता से विवेचना की जा रही है, उक्त प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी।
स्पेशल टैक्स फोर्स द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के नाम और पते
देहरादून। परवीन कुमार पुत्र धन सिह निवासी गांव बडकता थाना व तहसील- बुढाना, जिला मुजफ्फर नगर, उत्तर प्रदेश, उम्र- 48 वर्ष
जगपाल सिह पुत्र बलवीर सिह निवासी वार्ड न0 9 केशव नगर, लक्सर, थाना लक्सर, जनपद हरिद्वार, उम्र- 50 वर्ष
रामपाल सिंह पुत्र श्री हरि सिंह निवासी मोहल्ला चौहाना, कीरतपुर, जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश, उम्र- 52 वर्ष