एम्स ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती में फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा, एक गिरफ्तार

बायोमेट्रिक सत्यापन में पकड़ा गया पहचान का खेल

गिरफ्तार आरोपी मूल अभियर्थी के स्थान पर परीक्षा में हुआ था शामिल तथा मूल अभ्यार्थी ने एम्स में किया था कार्यभार ग्रहण

एम्स भर्ती प्रक्रिया में प्रतिरूपण व कूटरचित दस्तावेजों का आरोपियों ने किया था इस्तेमाल

श्याम टाइम्स देहरादूनl विगत 17 अक्टूबर शनिवार को एम्स ऋषिकेश में CRE-3 भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था, इसी दौरान वायरमैन पद हेतु उपस्थित अभ्यर्थी विकास कुमार मीणा की पहचान पर संदेह उत्पन्न हुआ। मूल अभिलेखों व पहचान-पत्रों के मिलान पर पाया गया कि परीक्षा में शामिल होने वाले व्यक्ति व एम्स में नियुक्त होकर कार्यभार ग्रहण करने वाले व्यक्ति के फोटो में अंतर है, जबकि दस्तावेजों में उनका विवरण समान हैं।

उक्त संबंध में सहायक प्रशासनिक अधिकारी एम्स ऋषिकेश विक्रम सिंह द्वारा पुलिस चौकी एम्स ऋषिकेश में लिखित शिकायत दी गई। प्राप्त शिकायत व जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश पर  धारा 318(4), 319(2), 336(3), 337, 338, 340(2) व 61(2)  के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश  यशपाल सिंह बिष्ट को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया, गठित टीम द्वारा विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन व जांच के उपरांत बायोमेट्रिक सत्यापन कराने वाले आरोपी अशोक कुमार मीणा पुत्र स्व० रामकरण मीणा को विगत 18 अक्टूबर रविवार को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायालय के आदेश से जिला कारागार देहरादून में निरुद्ध किया गया।

उक्त  मामले में फरार चल रहे आरोपी का नाम व पता

देहरादूनl विकास कुमार मीणा पुत्र धनफूल मीणा निवासी जटाली ढाणी, काली पहाड़ी, दौसा, राजस्थान।

आरोपी अशोक कुमार मीणा को पकड़ने वाली पुलिस टीम के सदस्यों के नाम

देहरादूनl निरीo यशपाल सिंह बिष्ट, प्रभारी कोतवाली ऋषिकेश
उ0नि0 बिनेश कुमार, चौकी प्रभारी एम्स, अ0उ0नि0 मुकेश शर्मा, हे0का0 संदीप राठी,का0 बृजेश, का0 कुलदीप

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