

एसआईआर रद्द करने की मांग, राष्ट्रपति को भेजा संयुक्त ज्ञापन
श्याम टाइम्स देहरादून। इंडिया गठबंधन से जुड़े राजनीतिक दलों और जनसंगठनों ने आज देहरादून में शांतिपूर्ण जलूस निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया तथा एसआईआर (SIR) प्रक्रिया तत्काल रद्द करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, देहरादून के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी को संयुक्त ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उत्तराखंड में चली एसआईआर प्रक्रिया से लाखों वास्तविक, जीवित और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। गठबंधन के अनुसार, उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर एसआईआर से पूर्व राज्य में 79,60,762 मतदाता थे, जो एसआईआर के बाद घटकर 71,58,949 रह गए। इस प्रकार कुल 9,06,521 मतदाताओं के नाम काटे गए। 2022 में कुल मतदाता 82,66,644 थे, यानी 2022 से अब तक 11,07,695 मतदाताओं की कमी हुई है।
जिलेवार कटौती: उधम सिंह नगर में 1,86,315, देहरादून में 1,82,016, हरिद्वार में 1,30,964, नैनीताल में 67,588, अल्मोड़ा में 50,887, पौड़ी गढ़वाल में 47,692, टिहरी गढ़वाल में 40,615, पिथौरागढ़ में 25,295, चमोली में 19,616, उत्तरकाशी में 17,772, चंपावत में 15,654, रुद्रप्रयाग में 9,159 और बागेश्वर में 8,240 मतदाताओं के नाम काटे गए।
प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में कटौती: धर्मपुर में 57,318, देहरादून कैंट में ~45,148, ऋषिकेश में ~41,343, रायपुर में ~40,452, राजपुर रोड में 39,046, मसूरी में ~31,713, हल्द्वानी में 30,711, बीएचईएल रानीपुर में 45,342, हरिद्वार शहर में 45,231 तथा झबरेड़ा में 11,809 मतदाताओं के नाम हटाए गए।
अन्य तथ्य: ज्ञापन के मुताबिक 36 मैदानी सीटों पर 7,33,260 तथा 34 पर्वतीय सीटों पर 3,80,008 मतदाता कम हुए। फॉर्म-7 के तहत पूरे राज्य में 1,04,708 नाम हटाए गए। 70 में से 45 विधानसभा क्षेत्रों में हटाए गए मतदाताओं की संख्या 2022 के जीत के अंतर से अधिक रही। गठबंधन का कहना है कि एसआईआर का असर असमान, पक्षपातपूर्ण तथा लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व पर गंभीर प्रभाव डालने वाला है।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप
देहरादून l इंडिया गठबंधन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, स्वायत्तता और संवैधानिक दायित्व पर गंभीर प्रश्न उठे हैं। ज्ञापन के अनुसार, एसआईआर जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को अपारदर्शी ढंग से लागू करना, विपक्षी दलों एवं जनसंगठनों से प्रभावी परामर्श न करना, फॉर्म-7 का दुरुपयोग तथा लाखों पात्र मतदाताओं को बिना समुचित सुनवाई के बाहर करना लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की मर्यादा के विरुद्ध है। गठबंधन ने इन आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है।
इंडिया गठबंधन ने निम्नलिखित मांगें रखीं:
देहरादून l मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुरूप स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया जाए।उत्तराखंड सहित जहां-जहां एसआईआर लागू है, वहां यह प्रक्रिया तत्काल निरस्त/स्थगित की जाए। एसआईआर से पहले की मूल मतदाता सूची बहाल की जाए तथा काटे गए सभी नामों की व्यक्तिगत सुनवाई, दस्तावेजी सत्यापन और न्यायिक निगरानी सुनिश्चित हो। फॉर्म-7 के तहत हटाए गए नामों की पारदर्शी जांच हो; मृत/स्थानांतरित दिखाकर जीवित मतदाताओं को हटाने की शिकायतों की जांच हो। चुनाव आयोग सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, जनसंगठनों और नागरिक समाज से परामर्श कर नई मतदाता सूची प्रक्रिया बनाए। आगामी विधानसभा/लोकसभा चुनाव एसआईआर रहित मूल मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं। मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया का स्वतंत्र न्यायिक निगरानी में सोशल ऑडिट हो।
शामिल संगठन
इस अवसर पर इंडिया गठबंधन के कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, माले, सपा, सीटू, एसएफआई, इंसानियत मंच, एआईएलयू, किसान सभा, जनवादी महिला समिति, सर्वोदय मंडल आदि संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गठबंधन ने कहा कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकहितकारी रहा। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपत से संविधान की रक्षा, स्वतंत्र चुनाव आयोग की गरिमा तथा नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा हेतु उचित संवैधानिक कदम उठाने की अपेक्षा की है।
इस अवसर पर सीपीएम से शिवप्रसाद देवली, लेखराज, अनन्त आकाश, कांग्रेस सूर्यकांत धस्माना, जसविन्दर सिंह गोगी, शिशुपाल बिष्ट,जगदीश धीमान, सुनील जयसवाल, गरिमा धसोनी,,सपा के एस एन सचान, हुसैन अहमद,सीपीआई से समर भण्डारी, सीपीआई माले इन्द्रेश मैखुरी, इन्सानियत मंच से रवि चौपडा, त्रिलोचन भट्ट, सर्वोदय मण्डल से हरबीर कुशवाहा,किसानसभा से सुरेंद्र सिंह सजवाण, गंगाधर नौटियाल, जाहिद अन्जुम, अमर बहादुर शाही, सीटू से एस एस नेगी, भगवन्त पयाल, कृष्ण गुनियाल, रविंद्र नौडियाल, हिमांशु चौहान, अभिषेक भण्डारी, जनवादी महिला समिति नुरैशा अंसारी, अंजलि पुरोहित, कुसुम नौडियाल, अनिता, शाकुम्भरी रावत, एआई एलयूके शम्भू प्रसाद ममगाई, अनुराधा, शान्ति, हिमांशु, एस एफ आई से नितिन मलेठा, शैलेन्द्र नेगी,डीवाईएफआई नितिन, चेतना के राजेंद्र शाह, कर्मचारी यूनियन के जगदीश कुकरेती आदि प्रमुख थे! इसके अलावा विभिन्न संगठनों के नेतागण, सैकडों कार्यकर्त्ता मौजूद थे
प्रदर्शन गांधीपार्क से शुरू होकर राजपुर रोड से होता हुआ घण्टाघर पहुंचा जहाँ पुतला दहन किया तथा आमसभा हुई तथा एक स्वर से ज्ञानेश कुमार बर्खास्त करने की मांग कीl