श्याम टाइम्स देहरादून / हरिद्वारl कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन में एसडीआरएफ उत्तराखण्ड पुलिस की टीमें हरिद्वार एवं ऋषिकेश के विभिन्न गंगा घाटों, गंगनहर एवं अन्य संवेदनशील जलक्षेत्रों में लगातार मुस्तैदी से तैनात हैं। एसडीआरएफ जवानों द्वारा जलक्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने के साथ-साथ कांवड़ियों को सुरक्षित स्नान तथा तेज बहाव एवं गहरे पानी से बचाव के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है।
रविवार 9 अगस्त को गंगा एवं गंगनहर में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आए एवं संकट में फंसे कुल 21 कांवड़ियों को एसडीआरएफ की विभिन्न टीमों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल रेस्क्यू किया गया। इनमें कांगड़ा घाट क्षेत्र से 17 कांवड़ियों, प्रेम नगर आश्रम घाट से 03 कांवड़ियों तथा नीलकंठ क्षेत्र से 01 शिवभक्त को एसडीआरएफ टीमों द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। जवानों की सतर्कता, तत्परता, साहस एवं सूझबूझ के चलते समय रहते सभी शिवभक्तों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और संभावित अनहोनी को टाल दिया गया।
देहरादूनl रविवार 9 अगस्त को एसडीआरएफ जवानों द्वारा गंगा के तेज प्रवाह में बह रहे 21 का ऑडियो को रेस्क्यू किया गया रेस को किए गए कांवड़ियों के नाम और पातेl रोशन (18 वर्ष), हरियाणा; पवन (18 वर्ष), उत्तर प्रदेश; राहुल (21 वर्ष), चंडीगढ़; अभिषेक (15 वर्ष), चंडीगढ़; शुभम (23 वर्ष), दिल्ली; प्रिंस (22 वर्ष), दिल्ली; राजेश (20 वर्ष), दिल्ली; दीपक (17 वर्ष), हरियाणा; विरेन्द्र राणा (34 वर्ष), हरियाणा; आनंद (21 वर्ष), पंजाब; निशांत (18 वर्ष), हरियाणा; केशव (19 वर्ष), हरियाणा; जतिन (16 वर्ष), हरियाणा; मोनू कुमार (20 वर्ष), हरियाणा; अजय (28 वर्ष), दिल्ली; कृष्णा (17 वर्ष), दिल्ली; सौरव कुमार (18 वर्ष), दिल्ली तथा शिवा (17 वर्ष), दिल्ली सूरज नई दिल्ली ,वरुण (16) नोएडा। इसके अतिरिक्त नीलकंठ क्षेत्र से 01 शिवभक्त को भी एसडीआरएफ टीम द्वारा सकुशल रेस्क्यू किया गया।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार एवं ऋषिकेश के प्रमुख गंगा घाटों, गंगनहर तथा नीलकंठ क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिवभक्तों की आवाजाही को देखते हुए एसडीआरएफ की टीमें विशेष सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। जवानों द्वारा जलधारा एवं जलस्तर में होने वाले संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू के लिए आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों के साथ टीमें पूरी तरह तैयार हैं।
सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने सभी शिवभक्तों एवं कांवड़ियों से अपील की है कि स्नान के लिए निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों का ही प्रयोग करें, तेज बहाव एवं गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा एसडीआरएफ एवं पुलिस जवानों द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। श्रद्धा के साथ सावधानी भी आवश्यक है, इसलिए सतर्क रहें और अपनी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं मंगलमय बनाएं।