महिला आरोपी द्वारा वादी की करोडों की भूमि को हडपने की नीयत से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उक्त भूमी पर लिया था स्टे
10 वर्ष पूर्व मृत वादी के ममेरे दादाजी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खडा कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बनाया था भूमि का फर्जी अधिकार पत्र
श्याम टाइम्स देहरादून राहुल देव पुत्र स्व0 अशोक कुमार निवासी सी-19 टर्नर रोड, पटेलनगर द्वारा कोतवाली पटेलनगर पर अभियोग पंजीकृत करते हुए बताया कि उनके ममेरे दादा स्व0 केवल कृष्ण द्वारा अपनी सम्पत्ति वसीयत के माध्यम से वर्ष 2009 में उनके नाम की गई थी तथा वर्ष 2016 में उनके ममेरे दादाजी के देहान्त के उपरान्त उनके द्वारा वर्ष 2024 में वसीयत के आधार पर उक्त सम्पत्ति को अपने नाम पर अंकित कराया गया था। वर्ष 2026 में भूमि की फर्द निकालने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि बबीता देवी पत्नी टेक सिंह द्वारा उनके मृत ममेरे दादा जी स्व0 केवल कृष्ण के नाम से वर्ष 2025 की एक कूटरचित अधिकार पत्र/एटार्नी के आधार पर उनके मृत दादाजी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खडा कर उक्त सम्पत्ति पर स्टे हेतु आपत्ति पत्र प्रस्तुत किया गया था तथा उक्त फर्जी अधिकार पत्र/एटार्नी पर राजकमल पुत्र रामपाल तथा मौ0 ईनाम कुरैशी पुत्र हाजी अब्दुल गवाह के रूप मे थे। वादी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर विगत 17 अप्रैल थाना पटेलनगर पर धारा- 318(4)/336(3)/338/340(4)/61(2) बीएनएस बनाम बबीता देवी व अन्य पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परविंदर सिंह डोभाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण में शामिल आरोपियों के विरूद्ध आवश्यक साक्ष्य संकलन कार्यवाही करते हुए उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिये गये। जिस पर विवेचक द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय देहरादून, राजस्व विभाग व विभिन्न बैंकों से विवेचना से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करते हुए प्रकरण में नामजद आरोपियों के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर उनकी गिरफ्तारी हेतु थाना स्तर पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा सुरागरसी-पतारसी करते हुए अभियोग में नामजद मुख्य महिला आरोपी बबीता पत्नी टेक सिहं निवासी ग्राम बीराखेडी चौकी घलापडा थाना गंगोडा जिला सहारनपुर उ0प्र0 उम्र 52 वर्ष को मुखबिर की सूचना पर विगत दिवस 1 जून गंगोह रोड तिराहा बारीखेडी रोड सहारनपुर उ0प्र0 से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में नामजद अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।
गिरफ्तार महिला आरोपी द्वारा वादी की करोडो की जमीन को हडपने की नीयत से अपने अन्य साथियों के साथ षडयन्त्र रचकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करते हुए वादी के ममेरे दादा जी का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसका उपयोग करते हुए अपने नाम पर एक कूटरचित मुख्तारनामा तैयार कर धोखाधडी से उक्त भूमि पर स्टे लिया गया था।