Jo-गिरफ्तार आरोपियों में से एक पूर्व में मुख्तार अंसारी व संजीव जीवा गैंग का रहा है शूटर
-गिरफ्तार दोनों बदमाश के माध्यम से देहरादून व हरिद्वार की कई विवादित भूमियों में हस्तक्षेप कर गैंगस्टर सुनील राठी के द्वारा कराई जा रही थी उगाही
-गिरफ्तार आरोपियों से 2 अवैध पिस्टल व 7 जिन्दा कारतूस हुए बरामद
-पुलिस की गिरफ्तार में आए दोनों को बदमाश देहरादून में किसी बड़ी घटना को दे सकते थे अंजाम
मयूर गुप्ता
श्याम टाइम्स देहरादूनl मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में सक्रिय अपराधियों एवं बाहरी राज्यों से आये संदिग्धों/आपराधिक पृष्ठभूमि से जुडे अपराधियों की धरपकड एवं उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं। उक्त निर्देशों के क्रम में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु पुलिस महानिदेशक, के निर्देशों पर सम्पूर्ण राज्य में चलाये जा रहे सत्यापन अभियान के तहत जनपद पुलिस तथा एसटीएफ की टीमो द्वारा राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों को चिन्हित करने की कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में एसटीएफ/एसओजी द्वारा सक्रिय गैंग एवं जेलो में निरूद्ध कुख्यात अपराधियों की निरन्तर निगरानी कर उन पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही थी।
निगरानी के दौरान प्राप्त तकनीकी/मैनुअल इनपुट के आधार पर एसटीएफ उत्तराखण्ड तथा दून पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा विगत 26 फरवरी को चैकिंग के दौरान राजपुर क्षेत्र में एक संदिग्ध स्कार्पियों वाहन से सुनील राठी गिरोह के 02 सदस्यों भानू चौधरी पुत्र आलोक कुमार तथा पारस पुत्र जगपाल सिंह को 02 अवैध पिस्टल व 07 जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। राजपुर पुलिस और एसटीएफ द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान पकड़ में दोनों आरोपियों के विरूद्ध थाना राजपुर धारा 111(3) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान प्रकाश में आया कि अभियुक्त पारस पूर्व में मुख्तार असांरी व संजीव जीवा गैंग का प्रमुख शूटर रहा है तथा उनकी मृत्यु के बाद सुनील राठी गैंग में सम्मलित हो गया था। दोनो कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के इशारे पर हरिद्वार व देहरादून की बेशकीमती विवादित भूमियों में हस्तक्षेप कर सुनील राठी के लिए धन उगाई कर रहे थे। आरोपी से बरामद मोबाईल फोन की जांच में भी कुख्यात बदमाश पारस का जेल में निरूद्ध सुनील राठी से लगातार सम्पर्क में होने की जानकारी प्राप्त हुई है, साथ ही आरोपी पारस का गिरफ्तार अन्य अभियुक्त भानू के साथ अक्सर जेल में सुनील राठी से मिलने जाना भी प्रकाश में आया है। अभियुक्तों द्वारा देहरादून व हरिद्वार के कुछ व्यापारियों को लगातार सुनील राठी के नाम का डर दिखाकर परेशान किया जा रहा था परन्तु सुनील राठी के भय से कोई भी शिकायतकर्ता सामने नहीं आया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून परविंदर सिंह डोभाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की गिरफ्त में दोनों को कुख्यात बदमाशों से पूछताछ में हरिद्वार के एक विवादित प्रोपर्टी डीलर, जो पूर्व में हत्या के मामले में जेल गया है, का नाम भी प्रकाश में आया है तथा उसके भी निरन्तर सुनील राठी के सम्पर्क में होने की जानकारी मिली है। आरोपियों के देहरादून आने तथा उक्त प्रकरण से जुडे सभी सम्भावित पहलुओं पर पुलिस द्वारा गहनता से जाच की जा रही है। पुलिस की पकड़ में आए दोनों आरोपी भानू चौधरी पुत्र आलोक कुमार निवासी मील्स न्यू कॉलोनी, थाना सदर, जनपद सहारनपुर, उ०प्र० पारस पुत्र जगपाल सिंह निवासी- प्रेमपुरी थाना कोतवाली, जनपद मुजफ्फरनगर, उ०प्र०
आरोपी पारस का आपराधिक इतिहास
मु०अ०सँ०- 445/2012 धारा 302 भादवि. थाना कोतवाली मुजफ्फरनगर , मु०अ०सँ०- 388/2015 धारा 302 भादवि. थाना शामली, मुजफ्फरनगर मु०अ०सँ०- 185/2019 धारा 506 भादवि थाना डालनवाला, देहरादून,मु०अ०सँ०- 778/2019 धारा 406 भादवि. थाना शामली, मुजफ्फरनगर, मु०अ०सँ०- 409/2020 धारा 323/452/504/506 भादवि. थाना कोतवाली मुजफ्फरनगर
मु०अ०सँ०- 438/2020 धारा 307/386/506 भादवि. थाना कोतवाली मुजफ्फरनगर, मु०अ०सँ०- 474/2020 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट, थाना कोतवाली मुजफ्फरनगर, मु०अ०सँ०- 776/2020 धारा 25 आर्म्स एक्ट थाना कोतवाली मुजफ्फरनगर