श्याम टाइम्स देहरादून l
अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीड़ित परिवार को न्याय न मिलने तथा विवादित व्यक्ति श्री दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में आज देहरादून में विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनका पुतला भी दहन किया गया।
ज्ञापन में सीपीआई (एम), सीआईटीयू, जनवादी महिला समिति, एसएफआई, जनवादी नौजवान सभा, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद तथा राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। संगठनों ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी की हत्या की घटना को चार वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
संगठनों ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने को अत्यंत चिंताजनक बताया। उनका कहना है कि राज्यपाल जैसे उच्च संवैधानिक पद पर उस व्यक्ति की नियुक्ति, जिसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले में जांच चल रही है, न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। यह पीड़ित परिवार के साथ-साथ आम जनता के न्याय पर भी प्रहार है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उस भूमिका पर गंभीर सवाल उठाया, जिसके तहत इस प्रकरण में दोषियों को अप्रत्यक्ष संरक्षण प्रदान किया जा रहा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय आरोपितों को संरक्षण देने की मंशा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इसी क्रम में संगठनों ने गृहमंत्री की उत्तराखंड यात्रा का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि यह यात्रा पीड़ित परिवार की भावनाओं का उपहास है। इसी विरोध के तहत प्रदर्शनकारियों ने अमित शाह का पुतला दहन किया।
ज्ञापन में रखी गई मांगों में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच शीघ्र पूरी कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना, श्री दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त करना, दोषियों को संरक्षण देने वाले गृहमंत्री श्री अमित शाह की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना शामिल है।
संगठनों ने विश्वास जताया कि महामहिम राष्ट्रपति इस ज्ञापन पर संवेदनशीलता से विचार करेंगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में अपनी संवैधानिक भूमिका का निर्वाह करेंगी।
इस अवसर पर जिलामंत्री शिवपparsad देवली, सचिव अनन्त आकाश, सचिवमण्डल के लेखराज, महिला समिति की महामंत्री दमयन्ती,एस एफ आई राज्याध्यक्ष नितिन मलेठा,नुरैशा, सीटू अध्यक्ष एस एस नेगी, उपाध्यक्ष भगवन्तसिंह, कोषाध्यक्ष रविन्द्र कुमार, नौजवान सभा के विप्लव, हरीशकुमार, गुरू प्रसाद पेटवाल,आनन्दमणि आदि मौजूद थे!