वर्ष 2026 20 जून तक , 1930 कंट्रोल रुम के माध्यम से कार्यवाही कराते हुये बचायी गयी साइबर अपराध पीड़ितो की 1.68 करोड रुपये की धनराशि।
श्याम टाइम्स देहरादूनl देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए अपने अधीनस्थों को निर्देश दिए है। एसटीएफ के अधीन संचालित राष्ट्रीय वित्तीय हेल्पलाइन 1930 कंट्रोल रुम को साइबर अराध पीड़ितो की धनराशि को होल्ड-बचाये जाने हेतु त्वरित कार्यवाही किये जाने के निर्देश किया गया था। फलस्वरुप राष्ट्रीय वित्तीय हेल्पलाइन 1930 कंट्रोल रुम द्वारा जून की अवधि में साइबर अपराध में पीड़ितों से विभिन्न माध्यमों से ठगी गयी 1.68 करोड़ रुपये की धनराशि को पीड़ितों को वापस कराया गया।
वित्तीय हेल्पलाइन 1930 कंट्रोल रुम की गुणवक्ता मे बढ़ोतरी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा फॉलो टीम का गठन किया गया । नियुक्त टीम द्वारा माह जून में साइबर अपराध में पीड़ितों से विभिन्न माध्यमों से ठगी गयी 1.68 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड कराया गया।
साईबर हेल्प लाईन 1930, साईबर ( एसटीएफ) उत्तराखण्ड देहरादून मे विगत दिवस 19 जून को हर्श सिंह निवासी रानीखेत जनपद अल्मोडा द्वारा अपने साथ टेडिंग के नाम पर 2540000/- रूपये की साईबर धोखाधडी की शिकायत कराई गयी थी जिसमे साईबर हेल्प लाईन 1930 मे नियुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की गयी जिसमे शिकायतकर्ता की 1645263 रूपये की धनराशि होल्ड कराई गयी।
साईबर हेल्प लाईन 1930 साईबर ; एसटीएफ उत्तराखण्ड देहरादून मे विगत दिवस 19 जून को अर्जुन निवासी कनखल जनपद हरिद्वार द्वारा 289272 रूपये के साथ फोन हैक करने पर साईबर धोखाधडी की शिकायत कराई गयी थी जिसमे साईबर हेल्प लाईन 1930 मे नियुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की गयी जिसमे शिकायतकर्ता की 164717 रूपये की धनराशि होल्ड कराई गयी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग हेतु न दें, कमीशन पर खाता देना अपराध है, एटीएम कार्ड, ओटीपी , यूपीआई साझा न करें, अज्ञात धनराशि आने पर तुरंत बैंक-पुलिस को सूचित करें तथा अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना/-दस्तावेज दें । यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है । किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों -फर्जी साईट -धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें । साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें । गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें ।
तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।